गोपेश्वर। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रूचि भट्ट ने संसद में महिला आरक्षण बिल को रोकने पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर हमला बोला।
गोपेश्वर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रूचि भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार महिलाओं को संसद में आरक्षण देने के लिए बिल ला गई थी। इसके बावजूद कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध करते हुए आरक्षण की प्रक्रिया को ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि इससे सभी महिलाएं आहत हुई है। कांग्रेस का यह कदम महिला सशक्तिकरण को रोकने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि संसद में मौजूदा दौर में 14 फीसदी महिलाएं ही प्रतिनिधित्व कर रही है। यदि यह बिल पारित हो जाए तो महिलाओं को लोकसभा तथा विधानसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिल जाता। कहा कि महिलाओं को राजनीति में हिस्सेदारी न देने से अन्य दलों ने यह साबित कर दिया है कि उनका महिलाओं को सियासत में तरजीह देने का कोई इरादा ही नहीं है। यदि बिल पारित होता तो महिलाओं को नीति निर्माण में व्यापक हिस्सदारी मिलती। कहा कि अब कांग्रेस के खिलाफ महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी। इसके तहत 24 अप्रैल को देहरादून में आक्रोश रैली निकाली जाएगी। 25 से 27 अप्रैल तक हर जनपद में आक्रोश रैली का आयोजन होगा। 28 व 29 को हर मंडल में रैली निकाल कर विरोधी दलों को निशाने पर लिया जाएगा। उत्तराखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार सधे कदमों के साथ आगे बढ़ रही है। उत्तराखंड राज्य में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। पत्रकारों के सवालों के जबाव में उन्होंने कहा कि संगठन से लेकर दायित्व देने में भी सरकार महिलाओं को सम्मान प्रदान कर रही है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष पवित्रा बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष पुष्पा पासवान, चंद्रकला तिवारी, रेखा, सहप्रभारी बबली चैहान, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बत्र्वाल, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, अनसूचित जाति मोर्चे के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भारती समेत तमाम महिलाएं मौजूद रहे।
भाजपा महिला मोर्चा ने आरक्षण बिल पर कांग्रेस पर बोला हमला
