गोपेश्वर। चमोली जिले में आपदा प्रबंधन के लिए माॅक ड्रिल कार्यक्रम में राहत व बचाव कार्यों की हकीकत को परखा गया।
आपदा के दौर में माॅक ड्रिल के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों को रेस्क्यू आपरेशन का अभ्यास कराया गया। एडीएम विवेक प्रकाश ने वीसी के माध्यम से माॅक ड्रिक का जायजा लिया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.अभिषेक गुप्ता समेत अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में प्रतिभाग किया।
माॅक ड्रिल के तहत टीएचडीसी टनल बिरही में सुरंग धंसने की घटना में दो व्यक्तियों के फंसे होने की सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस, तहसील प्रशासन, डीडीआरएफ एवं मेडिकल टीम द्वारा त्वरित रेस्क्यू कर दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इसी तरह पुरसाड़ी रोड के निकट टीवी टावर ज्वाइंट पर भवन ध्वस्त होने की घटना में दो व्यक्तियों के घायल एवं एक की मृत्यु की सूचना पर संबंधित टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया तथा घायलों को चिकित्सालय पहुंचाया।
जीआईसी कर्णप्रयाग के निकट 5.0 तीव्रता के भूकंप के परिदृश्य में एक भवन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर रेस्क्यू टीमों की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सामान्य एवं एक गंभीर घायल को सुरक्षित निकाला गया। एक गोशाला के क्षतिग्रस्त होने एवं पशुओं के घायल होने की स्थिति का भी प्रबंधन किया गया।
थराली तहसील कार्यालय परिसर में भूस्खलन की घटना में तीन व्यक्तियों के दबने की सूचना पर बचाव दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को बाहर निकालकर उपचार हेतु रेफर किया गया। पॉलीटेक्निक गैरसैंण के निकट वनाग्नि की घटना में वन विभाग, पुलिस एवं अन्य टीमों द्वारा मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाया गया। इस घटना में एक घायल व्यक्ति को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।
मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन एवं वन विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एडीएम ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना एवं आपदा के समय जनहानि को न्यूनतम करना रहा।
आपदा प्रबंधन को माॅक ड्रिल में बचाव कार्यों की हकीकत परखी
