गोपेश्वर। श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) मे वर्षों से कार्यरत अस्थाई कर्मचारी अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार में डटे पड़े हैं। इसके चलते मंदिर व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
वन टाइम सेटलमेंट की मांग को जोरदार ढ़ग से उठा रहे
दरसअल बीकेटीसी के अस्थाई कर्मचारी स्थायीकरण की मांग लंबे अर्से से कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों के दवाब के चलते 2024 में केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीकेटीसी मे कार्यरत सभी अस्थाई कर्मचारियों का वन टाइम सेटेलमेंट किए जाने की घोषणा की थी। तब से अस्थाई कार्मिक वन टाईम सेटलमेंट/समान कार्य समान वेतन की आस लगाए थे। इसके बावजूद दो वर्ष बीतने के बाद भी इस दिशा मे कोई ठोस पहल होती नहीं दिखी तो कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। हालांकि इससे पूर्व कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री की घोषणा का हवाला देते हुए घोषणा को धरातल पर उतारने की अपील की थी। बावजूद इसके घोषणा फाइलों में ही सिमट कर रह गई है।
कर्मचारी घोषणा को अमल में लाने के लिए कार्य बहिष्कार में डटे पड़े हैं। हालांकि मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कर्मचारियों के बीच धरना स्थल पर पहुंचकर उन्हें मनाने का प्रयास तो किया किन्तु कर्मचारी आंदोलन में अड़िग हैं। उनका साफ तौर पर कहना है कि जबतक अस्थाई कर्मचारियों का वन टाइम सेटलमेंट के तहत स्थिर वेतन अथवा समान कार्य के लिए समान वेतन का शासनादेश जारी नहीं हो जाता तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इसके तहत कर्मचारी हर रोज 5 घंटे के कार्य बहिष्कार पर डटे हैं। इससे बीकेटीसी के कार्यो पर बुरा असर पड़ रहा है।
