टीएचडीसी का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया

टीएचडीसी का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया

गोपेश्वर। टिहरी हाइड्रो डेबलपमेंट काॅरपोरेशन लि. का 39वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया।
विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के अलकनंदापुरम परिसर में आयोजित समारोह का शुभारंभ वीपीएचईपी के कार्यपालक निदेशक अजय वर्मा ने टीएचडीसी के संगठनात्मक ध्वजारोहण के साथ किया।
टीएचडीसी के प्रबंधन निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने वीसी के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में स्थित निगम की सभी इकाइयों के कर्मचारियों और अधिकारियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए हुए कहा कि यह अवसर निगम की उपलब्धियों, समर्पण तथा सामुहिक प्रयासों का उत्सव है। उन्होंने गत एक वर्ष के दौरान जल विद्युत तापीय, सौर एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं समेत विभिन्न क्षेत्रों में निगम द्वारा अर्जित उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सभी कार्मियों के योगदान की सराहना की। खासकर 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद परियोजना टीम द्वारा सीविल एवं विद्युत यांत्रिक कार्यों में हासिल उपलब्धियों को गर्व का विषय बताया। इसके लिए उन्होंने वीपीएचईपी के कार्मिकों को बधाई भी दी। वीपीएचईपी के कार्यपालक निदेशक अजय वर्मा प्रबंध निदेशक द्वारा वीपीएचईपी के कार्मिकों की सराहना करने पर आभार जताते हुए कहा कि वर्ष 1988 में स्थापित टीएचडीसी देश के अग्रणीय केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में अपनी विशिष्ठ पहचान बना चुका है। स्वच्छ, हरित एवं सतत ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ बनाने में टीएचडीसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कार्यपालक निदेशक वर्मा ने कहा कि विष्णुगाढ-पीपलकोटी परियोजना द्वारा प्राप्त उल्लेखनीय प्रगति परियोजना से जुड़े हर अधिकारी, कर्मचारी, संविदाकार, परामर्शदाताओं, स्थानीय प्रतिनिधियों, प्रशासन एवं क्षेत्रीय समुदायिक सहयोग का ही परिणाम है। उन्होंने सभी हितधारकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सभी के सहयोग, समपर्ण और टीम भावना के बल पर परियोजना निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप तेजी से आगे बढ़ रही है। यह परियोजना समयबद्ध रूप से राष्ट्र को समर्पित किए जाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।
समारोह में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध संगीत समूह देवभूमि रिदम्स के कलाकारों की प्रस्तुति रही। दीपक मैठाणी के नेतृत्व में कलाकारों ने गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी, सूफी एवं वाॅलीबुड गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर लोगों को मंत्र मुग्ध किया। इस तरह राष्ट्र निर्माण, ऊर्जा, आत्म निर्भरता तथा सतत विकास के प्रति टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए निगम को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ समारोह का समापन हुआ।

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