गोपेश्वर। चमोली जिले के देवाल ब्लाॅक के सीमांत गांव वाण की धाविका भागीरथी बिष्ट ने दिल्ली हाफ मैराथन में कांस्य पदक जीतकर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। भागीरथी ने 21 किलोमीटर की दौड़ एक घंटा 15 मिनट में पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में अंकिता ने पहला और सोनिया ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
लंबी दूरी की दौड़ में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही भागीरथी बिष्ट ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इससे पहले भी वह कई प्रमुख मैराथन प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। फरवरी माह में आयोजित नई दिल्ली मैराथन में उन्होंने महिला वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया था। अगस्त में हैदराबाद मैराथन की 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन में दो घंटे 51 मिनट 41 सेकंड का समय निकालकर भारतीय महिला धावकों में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
भागीरथी मौजूदा समय में पौड़ी के रांसी स्टेडियम में अभ्यास कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक एवं कोच सुनील शर्मा के मार्गदर्शन में वह अपनी गति और सहनशक्ति को बेहतर बनाने में जुटी हैं। इसी वर्ष उत्तराखंड स्टूडेंट्स फेडरेशन की ओर से उन्हें दो महीने के प्रशिक्षण के लिए केन्या भी भेजा गया था। वहां प्रशिक्षण लेकर उन्होंने अपनी दौड़ की तकनीक और क्षमता को निखारा।
सीमांत क्षेत्र की इस प्रतिभाशाली धाविका का लक्ष्य भविष्य में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना है। भागीरथी की उपलब्धि से चमोली जिले में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता को क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने धाविका भागीरथी बिष्ट को सम्मानित कर भविष्य में भी इसी तरह के प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी।
दिल्ली हाफ मैराथन में वाण गांव की भागीरथी ने जीता कांस्य पदक
