गोपेश्वर। चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात भगवान रूद्रनाथ की उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए देवलधार गांव पहुंच गई है। इस दौरान ग्वाड़ तथा देवलधार के ग्रामीणों ने देवडोली की पुष्पवर्षा से आगवानी की।
शनिवार को उच्च हिमालय में स्थित भगवान रूद्रनाथ मंदिर के कपाट देर सायं शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। रविवार को प्रातः देवडोली शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर के लिए पूजा अर्चना के साथ रवाना हुई। करीब 18 किमी की पैदल यात्रा के बाद देव डोली ग्वाड़ गांव पहुंची तो जाख देवता मंदिर में ग्वाड़ के ग्रामीणों ने देवडोली की पुष्पवर्षा के साथ आगवानी की। ग्वाड़ गांव में पूजा अर्चना के पश्चात देवडोली देवलधार गांव को रवाना हुई। देवलधार के ज्वाल्पा मंदिर में देवडोली का ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा के साथ स्वागत सत्कार किया। इसके बाद पूजा अर्चना का दौरा देर रात तक चलता रहा। सोमवार को देवडोली देवलधार गांव से प्रस्थान कर गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर आएगी। इसके साथ ही भगवान रूद्रनाथ की पूजा अर्चना शीतकाल में गोपीनाथ मंदिर में ही होगी। गोपीनाथ मंदिर में देवडोली के आगवानी के लिए भक्तों में खासा उत्साह बना हुआ है।
रूद्रनाथ की उत्सव डोली आज देवलधार गांव पहुंची
