पोखरी। पोखरी ब्लाॅक के आतंकग्रस्त सिदेली गांव में पिंजड़े से महज 15 किमी दूरी पर फिर भालू दिखाई देने से ग्रामीण दहशत में आ गिर गए हैं।
बताते चलें की करीब एक माह पूर्व भालू के हमले में सिदेली गांव की दो महिलाओं की मौत होने से पूरे इलाके में दहशत अभी तक बनी हुई है। इसके चलते वन विभाग ने भालू पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार भालू पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजड़े से महज 15 मीटर दूरी पर फिर भालू दिखाई दिया। ग्रामीण अमित सिंह, सुभाष सिंह, आयुष सिंह, संजय सिंह, तेज सिंह और शेखर सिंह समेत ग्रामीणों ने कहा कि पिंजड़ा लगाए जाने के बावजूद भालू को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके चलते दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है।
जंगली जानवरों ने रौंद दी फसल
पोखरी विकासखंड के मंडुवा उत्पादक क्षेत्रों में जंगली सूअरों, भालुओं, बंदरों और लंगूरों के आतंक से काश्तकारों की मेहनत पर पानी फिर गया है। रात में जंगली सूअरों और भालुओं के झुंड खेतों में घुसकर मंडुवा, गहत और अन्य दलहनी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जबकि दिन में बंदर और लंगूर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालात यह हैं कि काश्तकारों के सामने अपने खाने के लिए भी मंडुवा बचाना मुश्किल हो गया है।खदेड पट्टी के रडुवा, काण्डई-चंद्रशिला, जौरासी, किमोठा, डुंगर-तोणजी, सलना, बगथल, भिकोना, हापला घाटी के नैल, नौली, सिदेली, पाटी, जखमाला, कलसीर, मसोली, गुणम तथा त्रिशूला घाटी के नैल, ऐथा, डामक, चमसील, सेम, सांकरी, त्रिशूला, गजेड, सगूण और भदूणा सहित तमाम गांवों में मंडुवे की अच्छी पैदावार होती है। पिछले वर्षों में काश्तकार मंडुवा बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित करते थे, लेकिन इस बार जंगली जानवरों ने फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों गजेंद्र सिंह नेगी, संदीप बर्तवाल, हर्षवर्धन चैहान, प्रेम सिंह नेगी, तोणजी की प्रधान राजेश्वरी देवी, किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, काण्डई-चंद्रशिला के प्रधान भगत सिंह दिनेश रडवाल, सलना वार्ड की जिला पंचायत सदस्य दिव्या भारती, कलसीर के प्रधान दीपक कुमार और नैल की प्रधान दीपा देवी ने वन विभाग से जंगली जानवरों से निजात दिलाने तथा क्षतिग्रस्त मंडुवा, गहत व अन्य फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की है। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं ने बताया कि भालू को पकड़ने के लिए वन कर्मियों को लगातार गश्त पर लगाया गया है।
सिदेली में पिंजड़े से महज 15 मीटर दूर फिर दिखा भालू, दहशत
