गोपेश्वर। सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव में बच्चों ने प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। चमोली जनपद के 40 बाल वैज्ञानिकों का राज्य महोत्सव के लिए चयन हुआ।
पीस पब्लिक स्कूल गोपेश्वर में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव में जनपद के 40 बाल वैज्ञानिकों का राज्य महोत्सव के लिए चयन हुआ। इसके तहत विज्ञान माॅडल जूनियर में आरभ, समीर व पीयूष तथा सीनियर वर्ग में कृष डोभाल, मंयक व आर्यन ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान बनाया। कविता पाठ हिंदी/स्थानीय भाषा सीनियर वर्ग में रिद्धिमा, निधि नेगी व कशिश तथा अंग्रेजी जूनियर वर्ग में अंश त्रिपाठी, अनिरूद्व व करन सिंह, अंग्रेजी सीनियर वर्ग में यशस्वीनी, स्तुति पुरोहित व अनुपमा शाह ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाया। विज्ञान प्रश्नोत्तरी में जूनियर वर्ग में रिया, सागर सिंह व प्रशांत सिंह तथा सीनियर वर्ग में दीपांशु, संस्कृति व आशीष ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। विज्ञान नाटक जूनियर वर्ग में समीर, मंयक व मनन तथा सीनियर वर्ग में स्मृति, बैष्णवी व सानिया ने शानदार प्रदर्शन किया।
चमोली के 40 बाल वैज्ञानिकों का राज्य स्तर को चयन
शनिवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एमपी नगवाल, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व के वन संरक्षक पंकज कुमार ने महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव में जनपद के सभी विकासखंडों के 360 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में जूनियर तथा सीनियर में पांच प्रकार के इवेंट में 40 बाल वैज्ञानिकों का चयन राज्य स्तर के लिए किया गया। अब इसी माह बागेश्वर में आयोजित होने जा रहे राज्य स्तरीय महोत्सव में जनपद के बच्चे प्रतिभाग करेंगे।
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के तत्वाधान में इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन, अनुकूल रणनीतियों तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण पर संगोष्ठी भी आयोजित की गई।
पीजी काॅलेज के प्राचार्य प्रो. नगवाल ने बतौर मुख्य अतिथि बाल वैज्ञानिकों से संवाद करते हुए विज्ञान के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उनका कहना था कि विज्ञान के प्रति बच्चों में ललक पैदा की जानी चाहिए। इससे ही बच्चे भविष्य में विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। वन संरक्षक पंकज कुमार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार के जरिए बाल वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया। उनका कहना था कि मौजूदा प्रतिस्पद्र्धा के दौर में बच्चों को प्रोत्साहित कर हुनर का प्रदर्शन करना होगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी पंकज उप्रेती ने एआई के महत्व पर विस्तार से रोशनी डालते हुए विज्ञान को अनुसंधान से जोड़ते हुए बाल वैज्ञानिकों को विज्ञान के लिए प्रेरित किया।
यू-काॅस्ट के जिला समन्वयक नरेंद्र सिंह रावत के संचालन में हुए कार्यक्रम में आयोजन समिति के संयोजक व प्रधानाचार्य कर्मवीर, पीस पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य विमल सिंह राणा, ब्लाॅक समन्वयक, मार्गदर्शक शिक्षक और मूल्याकंन कर्ता मौजूद रहे।
सीमांत बाल विज्ञान महोत्सव में बच्चों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन
