पेपर लीक व कर्णप्रयाग-नगरासू घटनाओं पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

पेपर लीक व कर्णप्रयाग-नगरासू घटनाओं पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

गोपेश्वर। कांग्रेस ने नीट पेपर लीक प्रकरण और कर्णप्रयाग व नगरासू में हुई हालिया घटनाओं को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने और पेपर लीक माफियाओं पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
मंगलवार को गोपेश्वर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेश डिमरी ने कहा कि देश और प्रदेश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में बार-बार हो रही अनियमितताओं से छात्रों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है तथा युवाओं में निराशा और हताशा का माहौल बन रहा है।
थराली के पूर्व विधायक डॉ. जीत राम ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से केवल छात्रों का ही नहीं बल्कि पूरे परिवार का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं को रोकने में सरकार विफल रही है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश की शांतिपूर्ण छवि को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग घटना के बाद स्थानीय लोगों की ओर से घायल युवाओं को मुआवजा देने, यात्रा के दौरान हथियारों पर प्रतिबंध लगाने तथा सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
नेगी ने कर्णप्रयाग मामले की जांच हरिद्वार जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपे जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे प्रभावित लोगों को जांच प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने रुद्रप्रयाग के निकट निर्माणाधीन बहुमंजिला गुरुद्वारे की भी जांच की मांग की। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में पर्यावरणीय और निर्माण संबंधी नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने संकेत दिया कि इस मुद्दे को लेकर भी आगे रणनीति तैयार की जाएगी। पत्रकारों से वार्ता के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया। इसमें सरकार से नीट पेपर लीक मामले समेत कर्णप्रयाग और नगरासू की घटना पर जांच की मांग की गई।
इस दौरान बरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष आनंद सिंह पंवार, विपिन फरस्वाण, योगेंद्र बिष्ट, मुकुल बिष्ट, संदीप झिक्वाण आदि मौजूद रहे।

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