धर्म रक्षा की अतिष्ठात्री देवी हैं सती माता अनसूयाः शंकराचार्य

खल्ला गांव में लक्ष महायज्ञ और भागवत कथा में किया प्रतिभाग
गोपेश्वर। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि माता अनसूया धर्म का पालन करने के कारण शक्ति स्वरूपा बनी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति में दुर्गुण को न देखने वाली शक्ति स्वरूपा माता अनसूया ही हैं।
चमोली जिले के खल्ला गांव में माता अनसूया देवी की देवरा यात्रा के निमित्त लक्ष महायज्ञ तथा श्रीमद देवी भागवत कथा के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि माता अनसूया धर्म रक्षा की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनका कहना था कि धर्म का अनुपालन करने से ही मां अनसूया शक्ति स्वरूपा बनी। उनका कहना था कि जिसमें असूया न हो वही अनसूया देवी है। दोष देखने की दृष्टि न देखने के चलते ही मां अनसूया की संसार में कीर्ति फैली इसके चलते ही वह पवित्रता की प्रतीक भी बनी। पतिव्रता के रूप में मां अनसूया का कोई सानी नहीं है। उन्होंने कहा कि जीवन में हम सभी को किसी व्यक्ति विशेष के प्रति दोष की भावना नहीं रखनी चाहिए अपितु उसके गुणों को आत्मसाध करना चाहिए।
शंकराचार्य ने कहा कि सभी लोग अपनी शक्ति का उपयोग धर्म की रक्षा में करना होगा। धर्म रक्षा का पालन करने से ही मानव श्रेष्ठता की ओर अग्रसर होता है। कहा कि भौतिक सुख के लालच में लोग धर्म से विरत हो रहे हैं। यह निसंदेह चिंता का विषय बना हुआ है। इससे आध्यात्मिक शक्ति क्षीण हो रही है। आध्यात्म को संरक्षित करने के लिए सभी लोगों को धर्म रक्षक बनने की जरूरत है। माता अनसूया के विभिन्न रूपों का वर्णन करते हुए शंकराचार्य महाराज ने कहा कि मौजूदा दौर में इस तरह का आयोजन धर्म रक्षा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने खल्ला गांव के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने मां अनसूया रथ डोली की देवरा यात्रा सकुशलता से संपादित कर धार्मिक पक्ष को मजबूती प्रदान की है। एक अनुशासित धर्मावलंबी के रूप में यहां के लोगों की जितनी तारीफ की जाए वह कम ही है। उन्होंने कहा कि माता अनसूया की पतिव्रता को जीवन में आत्मसाद करें। इससे ही व्यभिचार का भी खात्मा होगा। उन्होंने सभी धर्मावलंबियों से इस यज्ञ में प्रतिभाग कर मां अनसूया का सुफल प्राप्त करने का भी आह्वान किया। उन्होंने मां भगवती को प्रणाम करते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से ही उन्हें भी मां अनसूया के दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित हुआ है।
इस दौरान ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, ज्योतिर्मठ के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख प्रकाश रावत, अनिल डिमरी, शिवानंद उनियाल, अभिषेक बहुगुणा, नवीन जोशी, व्यास आचार्य मनोज चमोली, यज्ञाचार्य पं. चंद्रशेखर तिवारी, देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह नेगी, धर्मस्व ग्राम समिति के अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, सचिव दिलबर सिंह बिष्ट, प्रधान कमल सिंह नेगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष प्रियंका बिष्ट, क्रांति भट्ट समेत तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे। इससे पूर्व खल्ला गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा के साथ शंकराचार्य की आगवानी की। शंकराचार्य ने अनसूया देवी तथा कठूड गांव की ज्वाला देवी को नमन कर आशीष लिया।

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