गोपेश्वर। चमोली पुलिस ने अब स्कूली नौनिहालों की सुरक्षा के लिए चेकिंग अभियान पर जोर देना शुरू कर दिया है।
दरअसल स्कूल बस से स्कूलों को जाने वाले बच्चों पर हर समय दुर्घटना का खतरा मंडराता रहा है। इसके चलते अभिभावक हैरान परेशान रहते चले आए हैं। अब पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए चेकिंग अभियान में तेजी लाते हुए स्कूल संचालकों को कड़ा संदेश देना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी।
बताते चलें कि हाल ही में स्कूल बस की ओवर टेकिंग के चलते एक स्कूटी सवार महिला की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के चलते बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। अब पुलिस ने चालान काटने की कवायद से हटकर चेकिंग अभियान पर जोर देना शुरू कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार उन्होंने स्वंय एसजीआरआर जयकंडी, जीजीआईसी गोपेश्वर, जीआईसी गोपेश्वर, पीजी कालेज और क्राइस्ट अकादमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जाकर छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं यातायात पुलिस की ओर से जनपद के 220 से अधिक विद्यालयों में पहुंचकर सड़क सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान ड्राइवरों को सुरक्षा मानकों को पाठ भी पढ़ाया गया। अब समूचे जनपद में यातायात पुलिस और थाना प्रभारियों को स्कूली वाहनों की व्यापक चेकिंग अभियान की शुरूआत की गई है। इसके तहत 60 से अधिक स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई।
इस दौरान बसों में सीसीटीवी कैमरे, स्पीड कंट्रोलर और आग से निपटने के लिए स्माॅक स्केनर आदि की जांच की गई। खिड़कियों पर तीन लोहे की रॉड अनिवार्य की गई हैं। छात्राओं की सुरक्षा के लिए बस में महिला अटेंडेंट की नियुक्ति को अनिवार्य कर दिया गया है। ड्राइवर और अटेंडेंट के चरित्र का सत्यापन भी किया जा रहा है।
एसपी पंवार ने साफतौर पर कहा कि चेकिंग के दौरान जिन स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की कमियां पाई गई हैं। उनके स्कूल संचालकों को सुधार हेतु एक सप्ताह का समय दिया गया है। ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित वाहनों को सीज किया जाएगा।
