ग्रामीणों ने सरकार को दिखाया आइना, श्रमदान से बना रहे सड़क

ग्रामीणों ने सरकार को दिखाया आइना, श्रमदान से बना रहे सड़क

गोपेश्वर। चमोली जिले के पोखरी ब्लाॅक के डुंगर गांव के ग्रामीणों ने सरकार को आईना दिखाते हुए गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए तीन किमी सड़क निर्माण का कार्य श्रमदान से शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि डुंगर गांव मुख्य सड़क मार्ग से तीन किमी की दूरी पर स्थित है। गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए ग्रामीण लगातार सरकार और शासन प्रशासन से करते आ रहे हैं लेकिन उनकी मांग को अनसूना कर दिया गया जा रहा था। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यह गांव स्व. रायबहादुर पातीराम का गांव भी है। ब्रिटिश काल में समाजसेवी पातीराम को राय बहादुर की उपाधि दी थी। इसी गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए ग्रामीण सड़क की मांग करते आ रहे थे।
डुंगर की पूर्व प्रधान सुनीता देवी ने कहा आजादी के 75 वर्षों बाद भी इस गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई। उन्होंने कहा कि गांव तक सड़क पहुंचना ग्रामीणों का लक्ष्य है और हर हाल में इसे पूरा किया जाएगा। ग्रामीणों ने आपस में धन एकत्र कर सड़क कटिंग के लिए जेसीबी भी मंगवाई है ताकि जल्द सड़क का निर्माण हो सके।
ग्राम प्रधान दीक्षा बत्र्वाल ने कहा कि यदि सड़क कटिंग के कार्य में विधायक अथवा क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों का सहयोग नहीं मिला तो आने वाले विधान सभा चुनाव में चुनाव का बहिष्कार भी किया जाएगा।
इस दौरान सतेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, अनीता देवी, प्रीति देवी, मुन्नी देवी, विजया देवी, मीना देवी, भुवनेश्वरी देवी, बसंती देवी, सुनीता देवी, राजेश्वरी देवी आदि मौजूद रहे।

बोले अधिकारी
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता मनमोहन सिंह बिजल्वाण ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति के आधार पर विभाग की ओर से चांदनीखाल से डुंगर गांव तक सड़क निर्माण के लिए सर्वे कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। प्रस्तावित सड़क की डीपीआर विभागीय स्तर से गढ़वाल मंडल के मुख्य अभियंता को भेज दी गई है। मुख्य अभियंता स्तर से स्वीकृति के उपरांत डीपीआर को तकनीकी परीक्षण के लिए आईआईटी रुड़की भेजा जाएगा। अनुमोदन मिलने के बाद डीपीआर भारत सरकार को स्वीकृति के लिए प्रेषित की जाएगी। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के पश्चात ही सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *