गोपेश्वर/पोखरी। प्राथमिक शिक्षा में बायोमेट्रिक हाजिरी पर शिक्षक संगठन भड़क गए हैं।
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह नेगी, जिला मंत्री मुकेश नेगी, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह फरस्वाण तथा नंदानगर के ब्लाॅक अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नौटियाल ने प्राथमिक शिक्षा में बायोमेट्रिक हाजिरी का विरोध किया है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) को सौपे ज्ञापन में शिक्षक नेताओं ने कहा है कि सभी विभागों में बायोमेट्रिक हाजिरी के बाद ही वेतन आहरण संबंधी आदेश डीएम के द्वारा जारी किए गए हैं। कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है और ना इससे पूर्व कोई आदेश जारी किए गए हैं। कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के सभी शिक्षकों की उपस्थिति आज भी स्विफ्ट चेट के माध्यम से आनलाइन दर्ज की जा रही है। कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी की सूचना कोषागार में जमा न कर पाने के कारण शिक्षकों का वेतन आहरण नहीं हो पा रहा है। इसलिए इस मामले में शिक्षकों के वेतन आहरण के लिए आदेश जारी किए जाने चाहिए।
पोखरी। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन ने शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरित किए जाने पर ऐतराज जताया है। संगठन के जिलाध्यक्ष उपेन्द्र सती ने कहा कि डीएम द्वारा जारी आदेश के बाद कोषागार एवं उपकोषागारों से प्रारम्भिक शिक्षा के शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन बिल आपत्ति लगाकर वापस भेजे जा रहे हैं। इससे वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो गई है। कहा कि अधिकांश विद्यालय दुर्गम व अति दुर्गम क्षेत्रों में स्थित है। इन इलाकों में नेटवर्क का अभाव है। इसलिए बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है।
उन्होंने इस मामले में तत्काल लचीला रूख अपनाते हुए बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था को दूर कर वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूर्व की भांति संपादित करने की मांग की है।
