पोखरी। नगर पंचायत पोखरी में आयोजित हिमवत कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं शरदोत्सव मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या लोक जागर गायिका पम्मी नवल के नाम रही। उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका पम्मी नवल ने अपने लोकगीतों और जागरों की शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनके गीतों पर मेला पांडाल में मौजूद दर्शक देर रात तक झूमते रहे। ‘हे मां नंदा’, ‘भैरव जागर’ और ‘द्रौपदी स्वयंवर’ सहित विभिन्न प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
हिमवत कवि चंद्रकुंवर बत्र्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं शरदोत्सव मेले की सांस्कृतिक संध्या
मुख्य अतिथि हमाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के गजपाल सिंह हमाल और विशिष्ट अतिथि राजकीय इंटर कॉलेज चैंडी के प्रधानाचार्य मनवर सिंह बर्त्वाल ने तीसरी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ फीता काटकर किया। इस अवसर पर मेला समिति और मेले के जनक पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता राजेंद्र सिंह भंडारी ने अतिथियों को फूल-मालाएं पहनाकर, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। लोक जागर गायिका पम्मी नवल को भी फूल-मालाओं और स्मृति चिह्न से सम्मानित किया गया।
मेले पर सभी क्षेत्रवासियों का समान अधिकार-राजेंद्र भंडारी
मेले के जनक पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि यह मेला पोखरी के लोगों का अपना मेला है। इस पर जितना अधिकार क्षेत्रवासियों का है, उतना ही उनका भी है। यह मेला पोखरी की पहचान है। इसमंें क्षेत्रवासी उत्साह और उमंग के साथ भागीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, आपसी भाईचारे और स्थानीय पहचान को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे आयोजनों से लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षण मिलने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
मेले को नहीं मिली आर्थिक मदद
भंडारी ने कहा कि वर्ष 2006 में जब उन्होंने इस मेले की शुरुआत की थी, तब से पिछले 19 वर्षों तक खादी ग्रामोद्योग से मेले के आयोजन के लिए लगातार धनराशि स्वीकृत होती रही है, लेकिन इस बार धनराशि स्वीकृत नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा उन्हें मेले के आयोजन का अवसर न देने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि मेला पोखरी की सांस्कृतिक पहचान और परंपरा से जुड़ा है। इसका आयोजन हर हाल में होना चाहिए, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों। क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण परंपरा को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने देना चाहिए।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, सभासद गिरीश किमोठी, सतेन्द्र बुटोला, डॉ. बृजेन्द्र कठैत, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष उपेन्द्र सती और संतोष चैधरी समेत अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन टीपी सती ने किया।
