गोपेश्वर। विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच गौचर की ओर से गत शुक्रवार को जनपद चमोली की सीमांत नीति घाटी में उपभोक्ता शिविर का आयोजन किया गया। वाइब्रेंट विलेज नीति से करीब 25 किलोमीटर पहले स्थित मलारी गांव में यह शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपने विद्युत संबंधी समस्याओं को मंच के सदस्यों के समक्ष रखा। मंच के सदस्य रघुवीर सिंह बिष्ट व अर्जुन बिष्ट की उपस्थिति में उपभोक्ताओं ने जहां दो दर्जन से अधिक शिकायतें मंच के सामने रखी वहीं उपभोक्ताओं का यह भी कहना था कि उन्हें समय पर विद्युत बिल की हार्ड कॉपी नहीं मिल पाने की वजह से वह बिल जमा करने में असमर्थ रहते हैं। मंच के सदस्यों ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता को इस विषय को देखने के लिए कहा।
उपभोक्ताओं का यह भी कहना था इस क्षेत्र में दूर-दूर गांव बसे हुए हैं और मीटर रीडर की कमी की वजह से समय पर विद्युत बिल नहीं मिल पाते हैं। मलारी के ग्रामीणों ने हिमाच्छादित गांव की सूची में मलारी का उल्लेख नहीं होने की बात भी कहीं और उन्हें मंच से आग्रह किया की अन्य गांव की तरह ही मलारी को भी हिमाच्छादित क्षेत्र की श्रेणी में घोषित करने के लिए पत्र जारी किया जाए। इसके साथ ही मलारी के ग्राम प्रधान की ओर से आग्रह किया गया की सेवा द्वारा गांव को दिए गए 30 किलो वाट के सोलर प्लांट को ग्रिड से जोड़ा जाए और इससे उत्पादित बिजली की आय लाभ ग्राम सभा को दिया जाए।
मंच के सदस्यों ने कैंप के पश्चात मल्हारी के आगे के गांव बुरासी, कैलाशपुर, मैहरगांव, कुरगुरी, फाकिया, बाम्पा, गमशाली व नीति में जाकर ग्रामीणों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि विद्युत बिलों कनेक्शन वह मीटर की खराबियों जैसी विद्युत समस्याओं के लिए वे विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच गौचर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। मंच की ओर से सतीश मैठाणी व यूपीसीएल की ओर से कई अन्य कर्मचारी भी इस मौके पर साथ थे। यूपीसीएल ने इस मौके पर मलारी गांव में रेवेन्यू कैंप का भी आयोजन किया। जिसमें बहुत सारे उपभोक्ताओं ने अपने विद्युत बिलों का भुगतान भी किया।
नीति घाटी के मलारी गांव में विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनी
