गोपेश्वर। युवाओं ने जोश कार्यक्रम के तहत टीबी मुक्त चमोली का संकल्प लिया।
नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने और जनपद चमोली को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से जोश कार्यक्रम का आगाज कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंह पाल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, एनसीसी कैडेट्स, माय भारत वॉलियंटर्स और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित मरीजों की पहचान, जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करना तथा टीबी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत के निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। युवाओं से टीबी के लक्षणों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने, संभावित मरीजों को जांच के लिए प्रेरित करने और उपचार के दौरान मरीजों का मनोबल बढ़ाने का आह्वान किया। एनसीसी कैडेट्स और माय भारत वॉलियंटर्स गांवों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं समुदाय के बीच जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करेंगे।
इस दौरान अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, एनसीसी कैडेट्स एवं माय भारत वॉलियंटर्स ने ऑनलाइन माध्यम से ‘टीबी मुक्त चमोली और टीबी मुक्त भारत’ के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने सभी विभागीय अधिकारियों को कार्यक्रम की जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, एनसीसी कर्नल सौरभ पति, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीपी पुरोहित, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) श्रीकांत पुरोहित, सीडीपीओ संदीप अरोड़ा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वैष्णव कृष्णा समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से जुडे़ रहे।
टीबी मुक्त चमोली का युवाओं ने लिया संकल्प
