गोपेश्वर। चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर के तहत मतदाता सूची में किए गए बदलाव पर भड़की कांगे्रस ने मुख्य चुनाव ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला।
बदरीनाथ के विधायक लखपत बुटोला, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय गोपेश्वर के बस स्टैंड पर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं नें कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। इस मौके पर विधायक बुटोला ने कहा कि एसआईआर के तहत नाम हटाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाकर गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में एकतरफा निर्णय तथा मतदाता सूचियों में किए गए बदलाव की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि देश के करोड़ों नागरिकों को मताधिकार से वंचित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हनन किया गया है। कांग्रेस यह सब बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके लिए लगातार संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष आनंद सिंह पंवार के संचालन में हुए कार्यक्रम में दशोली ब्लॉक अध्यक्ष शैलेन्द्र नेगी, प्रदेश सचिव सुदर्शन शाह तथा संदीप कुमार पटवाल, जिला महामंत्री संदीप झिंक्वान, देवराज रावत, रविन्द्र बत्र्वाल, विकेन्द्र नेगी, जिला प्रवक्ता तेजवीर कडेरी, जिला मीडिया प्रभारी गोविंद सजवाण, ऊषा रावत, गिरीश आर्य, डॉ विजय हिन्दवाल,योगेन्द्र बिष्ट, मनमोहन ओली, भगत कनियाल, गौरव फस्र्वाण, हरीश चैहान, मनीष नेगी, राजेंद्र सिंह रावत, शूर सिंह बिष्ट, महेंद्र नेगी, अनीता नेगी, गुलाब सिंह बिष्ट, शिवलाल आर्य, कुंदन बिष्ट, जयपाल कोहली, भवानी लाल, किशन लाल, मदन लोहानी, पूनम रावत, रणजीत लाल, लीला रावत, विजया कंडारी, गोपाल रावत, राकेश बिष्ट, जयबीर नेगी, नरेंद्र कुंवर, प्रदीप नेगी, सूरज टकोला, विक्रम सिंह बिष्ट, रूद्रसिंह भंडारी, कैप्टन गोवर्धन टम्टा व मोहन नेगी आदि कांग्रेसी शामिल रहे।
कांग्रेस की झूठ का हुआ पर्दाफाश: गणेश
भाजपा के वरिष्ठ नेता व कर्णप्रयाग के पालिकाध्यक्ष गणेश शाह ने चुनाव आयुक्त के संयुक्त बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे कांग्रेस तथा विपक्षी दलों के झूठ का पर्दाफाश हो गया है।
विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में की गई गड़बडी को लेकर उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वानुमति से एसआईआर समेत सभी फैसले निष्पक्ष तौर पर लिए गए हैं। इसलिए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का प्रतीक है। कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत विषय एसआईआर से संबंधित नहीं था। फार्म-6 के घोषणा पत्र को सुप्रीम कोर्ट पहले ही वैध ठहरा चुका है। इससे संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर उनकी प्रतिष्ठा को विपक्ष नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है। चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद कांग्रेस के आरोपों की वास्तविता सामने आ गई है। ऐसे में कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर वेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का समान करना चाहिए।
