गोपेश्वर। मौसम के बिगडे़ मिजाज के बीच उच्च हिमालय की पहाड़ियां बर्फबारी से लबालब हो गई। इसके चलते निचली घाटी वाले क्षेत्रों में जोरदार ठंड़ भी लौट आई है।
झमाझम बारिश के बीच उच्च हिमालय में स्थित हेमकुंड साहिब-लक्ष्मण मंदिर लोकपाल बर्फबारी से लबालब हो गया है। इसके चलते तमाम श्रद्धालु कड़ाके की ठड़ में आ घिर गए हैं। हालाकि सभी श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित हैं किन्तु बर्फबारी से ठंड़ उनका पीछा नहीं छोड़ रही है। बदरीनाथ की पहाड़ियां भी हिमचादर से ढ़क गई है। इसके चलते बदरीनाथ आए तीर्थ यात्री भी ठंड़ के बीच कंपकंपी महसूस करने लगे हैं। बदरीनाथपुरी में भी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सीमांत नीति घाटी की पहाड़ियां भी बर्फबारी से ढ़क गई हैं। इसके चलते सीमांत क्षेत्र में रह रहे जनजाति के लोग भी जोरदार ठंड़ की जद में आ गए हैं।
उच्च हिमालय में स्थित पंचकेदारों में से एक चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात रूद्रनाथ क्षेत्र में भी बर्फबारी के चलते ठंड़ ने जोर पकड़ लिया है। इसके चलते श्रद्धालुओं को ठंड़ का सामना करना पड़ रहा है।
मौजूदा बर्फबारी के चलते यात्रा पर आए श्रद्धालु प्रकृति की इस सौगात से अभिभूत हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई तीर्थ यात्रियों को पहली बार बर्फबारी का नजारा देखने को मिला है। खासकर हेमकुंड में साहिब में पहली बार बर्फबारी का दीदार करने पर तमाम तीर्थयात्री अभिभूत हो रहे हैं।
निचली घाटी वाले क्षेत्रों में झमाझम हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है। ज्यादातर लोग घरों में ही दुबक कर रह गए हैं। इसके चलते मवेशी भी जंगल नहीं जा पा रहे हैं। निचली घाटी वाले क्षेत्र भी ठंड़ की जद में आ गए हैं। इसके चलते लोगों ने गरम कपड़े पहन कर ठंड़ से निजात पानी शुरू कर दी है।
हिमालयी पहाड़ियां बर्फबारी से लबालब, घाटी क्षेत्रों में झमाझम बारिश
