हिमाच्छादित गांवों में जनगणना कार्यो ने पकड़ी रफ्तार

हिमाच्छादित गांवों में जनगणना कार्यो ने पकड़ी रफ्तार

गोपेश्वर। चमोली जिले के हिमाच्छादित गांवों में जनगणना कार्यो ने रफ्तार पकड़ ली है। इसके तहत जनगणना के 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 1800 से अधिक परिवारों का डेटा सिंक, जनपद स्तर से नियमित समीक्षा, भौतिक सत्यापन एवं स्थलीय निरीक्षण भी जारी है।

जनगणना के 80 फीसद कार्य पूरे
जनगणना-2027 के तहत जनपद के हिमाच्छादित राजस्व ग्रामों में जनगणना संबंधी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा निर्धारित जनगणना ब्लॉकों में कार्य किया जा रहा है। अब तक हिमाच्छादित क्षेत्रों में लगभग 80 प्रतिशत जनगणना कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 1800 से अधिक परिवारों का डेटा सिंक किया जा चुका है।जनपद स्तर से जनगणना से संबंधित समस्त कार्यों की नियमित समीक्षा, पर्यवेक्षण, भौतिक सत्यापन एवं स्थलीय जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशानुसार सहायक भूलेख अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने 21, 22 एवं 23 सितंबर को तहसील ज्योतिर्मठ के राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र मलारी के अंतर्गत आने वाले जनगणना ब्लॉकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर कोषा, मलारी, कैलाशपुर, फरकिया, गुरुगुटी, बंपा, गमशाली एवं नीति समेत विभिन्न हिमाच्छादित गांवों में जनगणना कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं पर्यवेक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित जनगणना ब्लॉकों में तैनात प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अब तक पूर्ण किए गए कार्यों, परिवारों के डेटा की स्थिति तथा डेटा सिंक की प्रगति का भी जायजा लिया।
जनगणना-2027 के तहत जनपद चमोली में कुल 25 स्नो बाउंड विलेज चिन्हित किए गए हैं। इनमें ज्योतिर्मठ तहसील के नीती, गमशाली, बंपा, फरकिया गांव, गुरुगुटी, मेहरगांव, कैलाशपुर, मलारी, कोषा, जेलम, द्रोणागिरी, गरपाक, कागा लगा द्रोणागिरी, लमतोली, जुम्मा, रेवेल चाक कुरकुटी, तोलमा, माणा, भ्यूंडार, बामणी, बद्रीनाथ, खीरो तथा ओध हनुमान चट्टी शामिल हैं। चमोली तहसील के रुद्रनाथ एवं पांगरवासा (कांचुला खर्क) को भी स्नो बाउंड विलेज के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
बताते चलें कि इन क्षेत्रों में शीतकाल के दौरान नवंबर से अप्रैल तक अधिकांश परिवारों के निचले क्षेत्रों की ओर प्रवास करने के कारण जनगणना कार्य को निर्धारित समय में पूर्ण करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसी उद्देश्य से इन गांवों के नागरिकों को 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा दी गई थी। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा घर-घर जाकर मैपिंग एवं जनगणना संबंधी कार्य किया जा रहा है। इसके पश्चात 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा।
गौरतलब है कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण में स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की स्व-गणना की प्रक्रिया 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक संचालित की गई थी। इसके बाद 25 अप्रैल से 24 मई तक प्रगणकों द्वारा हाउस लिस्टिंग का कार्य किया गया। जनपद चमोली में इस चरण के लिए कुल 1,469 जनगणना ब्लॉक बनाए गए थे। इनमें 814 प्रगणक, 145 सुपरवाइजर एवं 24 चार्ज अधिकारियों द्वारा कार्य किया गया और प्रथम चरण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया था।

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