पोखरी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी में स्वास्थ्य सुविधाओं और आवश्यक संसाधनों की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवा खुद ही बीमार पड़ गई है। इसके चलते लोगों को दूरस्थ अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है।
पोखरी ब्लाॅक की 73 ग्राम सभाओं और एक नगर पंचायत क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाला सीएचसी पोखरी खुद ही संसाधनों के अभाव में बीमार चल रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी तथा कांग्रेस बदरीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला के गृह ब्लाॅक नागपुर-पोखरी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी है। अस्पताल में ब्लड बैंक और ऑक्सीजन की पर्याप्त सुविधा नहीं है। अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने के कारण गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को जांच व उपचार के लिए कर्णप्रयाग, श्रीनगर और देहरादून की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते सीएचसी पोखरी महज रेफरल सेंटर बनकर रह गया है।
अस्पताल में दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को जरूरी उपचार न मिलने पर अन्य अस्पतालों के लिए रेफर करना आम बात हो गई है। किमोठा के प्रधान हरिकृष्ण किमोठी ने प्रदेश सरकार से सीएचसी पोखरी की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों पर भी सवाल उठाए। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही ब्लड बैंक, ऑक्सीजन, अल्ट्रासाउंड सहित आवश्यक संसाधन एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि क्षेत्र की गरीब जनता को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी पर ही फोकस करना होगा। ऐसा नहीं किया गया तो लोगों का जीवन खतरे में पड़ता रहेगा।
