गैरसैंण। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं ने मानदेय बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों का समाधान न होने पर आंदोलनन का एलान किया है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका कर्मचारी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष जानकी रावत की अध्यक्षता में रामलीला मैदान में हुई बैठक में मानदेय बढ़ोतरी समेत अन्य मांगों का समाधान न होने पर नाराजगी जताई गई। उनका कहना था कि 2024 में हुए आंदोलन के बाद सरकार ने मांगों के समाधान के लिए सचिवों की एक कमेटी गठित की थी। इसके बावजूद ढाई साल गुजर जाने के बाद भी कमेटी की सिफारिशों पर सरकार ने कोई गौर नहीं किया है। उनका कहना था कि मानदेय बढ़ोतरी का अब तक कोई फैसला न होना चिंता का सबब बना हुआ है। सरकार महिला सशक्तिकरण व महिला सम्मान बात तो करती है किंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि अब मांगों को लेकर सड़क पर उतरना उनकी विवशता बन गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका कर्मचारी यूनियन की बैठक
बैठक में आंगनबाड़ी कायकत्रियों व सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये दिया जाने की मांग खास तौर पर उठाई गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी व सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिए जाने और 20 दिनों के चिकित्सा अवकाश की सुविधा देने पर भी जोर दिया गया। भवन किराया, माता समिति आंगनबाड़ी के खाते में डालने तथा मातृत्व अवकाश की सुविधा देने की भी मांग बैठक में उठाई गई। बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंदोलन में जाने को विवश होना पड़ेगा। बैठक के बाद मांगों से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अबरार अहमद को सौपा गया।
इस दौरान ब्लाॅक अध्यक्ष यशोदा बिष्ट, सचिव अंजना रावत, सह सचिव सुनीता शाह, कोषाध्यक्ष पप्पी पुरोहित, कुसुम, सावित्री, देवेश्वरी, रजनी, राजी देवी, पुष्पा देवी, निशा, पूजा, सुनीता, अनीता, भागा, आरती, इंदू, गुड्डी, बीरा, पुष्पा रावत, सुनीता देवी, कलावती, नीलम, पदमा, संगीता, पुष्पा देवी, आशा, संगीता देवी आदि मौजूद रहे।
