आस्था और श्रद्धा की नंदा लोकजात यात्रा से माहौल बना भक्तिमय

आस्था और श्रद्धा की नंदा लोकजात यात्रा से माहौल बना भक्तिमय

गोपेश्वर। आस्था और श्रद्धा की बधाण की राजराजेश्वरी नंदा की लोकजात यात्रा से माहौल भक्तिमय बना है। इसके चलते श्रद्धालु मां नंदा देवी के दर्शनों को उमड़ रहे हैं। नंदा की बड़ी जात के तहत देव डोलियों और छंतोलियों के कनोल गांव के प्रवास पर ही रहने से दिनभर नंदा के जागरों से लोग भक्तिरस में डूबे पड़े रहे।
लोक संस्कृति और आस्था का प्रतीक बधाण परगने की श्री नंदा राज राजेश्वरी लोकजात यात्रा श्रद्धालुओं के जयकारों और पारंपरिक वाद्यों की मधुर ध्वनि के बीच माँ नंदा की डोली मंगलवार को फल्दियागांव से प्रस्थान कर कांडेई, पिलखडा, ल्वाणी, हरनी- बगडीगाण होते हुए रात्रि प्रवास केे लिए मुन्दोली गाँव पहुँची। मुन्दोली पहुँचने पर स्थानीय ग्रामीणों ने माँ की डोली का दैणा होया खोली का गणेशा हे, दैणा होया मोरी का नारेणा हे—, मांगल गीत से भव्य स्वागत किया। बुधवार को लोकजात यात्रा और मां नंदा की डोली लोहाजंग से होते हुए आवादी के अंतिम गांव वाण पहुंचेगी। यहां देव डोली का यात्रा का रात्रि प्रवास होगा। विभिन्न क्षेत्रों से आए सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहले ही अंतिम गाँव वाण में डेरा डाले हुए हैं। पूरे क्षेत्र में माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
कनोल में नंदा की बड़ी जात में गूंजे जागर
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस यात्रा में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। हर कोई माँ नंदा की एक झलक पाकर खुद को धन्य महसूस कर रहा है।
दूसरी ओर नंदा की बड़ी जात के तहत दशोली तथा बंड की देव डोलियां तथा छंतोलियां का प्रवास मंगलवार को कनोल में ही होने के चलते दिनभर श्रद्धालु नंदा के जागरों में डूबे रहे। इस दौरान महिलाओं ने नंदा से जुडे़ गीतों और जागरों से माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। अब नंदा की बड़ी जात के तहत देव डोलियां और छंतोलियां बुधवार को कनोल से प्रस्थान कर लाटूधाम वाण गांव के प्रवास पर रहेंगी। इसके चलते नंदानगर ब्लाॅक से अब बुधवार को बड़ी जात देवाल ब्लाॅक के अंतिम आबादी वाले गांव में प्रवेश करेगी।

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