पोखरी। नगर पंचायत पोखरी समेत पूरे क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति का आधार बनी तुंगनाथ-भुलकना से पोखरी तक की 32 किलोमीटर लंबी पोखरी पेयजल पुनर्गठन योजना की पाइपलाइन अब उपभोक्ताओं और जल संस्थान दोनों के लिए मुसीबत बन गई है। इसके चलते लोगों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है।
दरअसल वर्ष 2014-15 में बिछाई गई पाइपलाइन जगह-जगह जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है। बारिश, भूस्खलन, भूमि धंसाव और कटाव के कारण आए दिन लाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। डुंगर गांव में शनिवार सायं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पोखरी बाजार सहित नगर पंचायत क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति फिर ठप्प हो गई। विभाग को उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी करने के लिए टैंकरों से पानी पहुंचाना पड़ा। सूचना पर अवर अभियंता मनमोहन सिंह राणा के नेतृत्व में फीटर और कर्मचारी शनिवार सुबह वेल्डिंग मशीन और वेल्डर लेकर डुगर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद लाइन जोड़ दी।
अवर अभियंता राणा ने बताया कि सोमवार सुबह से उपभोक्ताओं को पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। विषम भौगोलिक परिस्थितियों से गुजर रही 32 किमी लंबी लाइन के बार-बार टूटने से जल संस्थान कर्मियों को लगातार मरम्मत के लिए दौड़ना पड़ रहा है। इससे विभागीय धन तो मरम्मत में बार-बार खर्च हो ही रहा है अपितु उपभोक्ताओं को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्थायी वेल्डिंग से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। पूरी लाइन का पुनर्निर्माण ही इसका स्थायी विकल्प है। अवर अभियंता मनमोहन सिंह राणा ने बताया कि विभाग ने लाइन के सभी संवेदनशील स्थलों का सर्वे कर उन्हें चिह्नित किया है। स्थायी सुधार कार्य के लिए 89.02 लाख रुपये का विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर संवेदनशील स्थलों का स्थायी उपचार कराया जाएगा।
नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, ब्लॉक प्रमुख राजी देवी, जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र सिंह राणा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, पूर्व प्रमुख नरेंद्र रावत व प्रीती भंडारी समेत तमाम जनप्रतिनिधियों एवं व्यापारियों ने शासन-प्रशासन और विभागीय उच्चाधिकारियों से पेयजल पुनर्गठन योजना की पाइपलाइन का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
