गोपेश्वर। जोशीमठ ब्लाॅक के सलूड़-डुंग्रा में रम्माण मुखौटा निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला का शानदार आगाज हो गया है।
भराड़ीसैंण विधानसभा के अन्तर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वाधान में विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण भूमि क्षेत्रपाल देवता मंदिर परिसर में बुधवार को रम्माण मुखौटा निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया है। स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण की पहल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए हुई। रम्माण मुखौटा निर्माण कला को नयी पीढ़ी में हस्तांतरित करने व बच्चों में सृजन कौशल विकसित करने के उद्देश्य को साकार करने के लिए क्षेत्र के 24 छात्र -छात्राओं को रम्माण मुखौटा बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मास्टर टेªनर मोहन लाल द्वारा बच्चों को चार माह का प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यशाला की समाप्ति पर विधानसभा उत्तराखंड द्वारा नामित विशेषज्ञों के द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त छात्र -छात्राओं का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन में सफल प्रतिभागियों को 7 हजार रूपए प्रति माह की दर से कुल 28 हजार रूपये का मानदेय, टूल किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये जाएंगे। नई पीढ़ी के कलाकार मुखौटों का निर्माण कर मुखौटा निर्माण कला को जीवंत रखने के साथ साथ कला को अपनी आजीविका से भी जोड़ेंगे। द्वितीय चरण में क्षेत्र के अन्य इच्छुक व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षक के मानदेय व आवश्यक काष्ठ की व्यवस्था भी विधानसभा द्वारा प्रदान की जाएगी।
रम्माण के संयोजक डॉ. कुशल भंडारी द्वारा पिछले साल 16 नवंबर को मुखौटा निर्माण कार्यशाला का प्रस्ताव स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण को दिया गया था। इसके चलते स्पीकर ने यह अभिनव पहल की है।
उद्घाटन अवसर पर विधानसभा के अनुभाग अधिकारी राकेश चंद्र रमोला, समीक्षा अधिकारी अंशुमान काला द्वारा टूल किट, बैनर आदि सामग्री प्रदान की गयी। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य भरतसिंह कुंवर, सलूड़ की प्रधान सुनीता देवी, डुंग्रा की प्रधान रीना, अस्सी गण्या भरत सिंह पंवार, रम्माण समिति के अध्यक्ष शरत सिंह रावत, विकेश सिंह कुंवर, गोविन्द सिंह पंवार, रघुवीर सिंह, प्रदीप सिंह, हीरा सिंह पंवार,रणबीर सिंह चैहान, पैनखण्डा इंटर कालेज कॉलेज के प्रबन्धक अजीत कुंवर समेत तमाम लोग मौजूद रहे। संचालन रम्माण के संयोजक डॉ कुशल भंडारी ने किया।
