डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने मांगों को आंदोलन की राह पकड़ी

डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने मांगों को आंदोलन की राह पकड़ी

गोपेश्वर। डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बांहों में काला फीता बांधकर आंदोलन का आगाज कर दिया है।
दरसल डिप्लोमा फार्मासिस्ट लंबें समय से पांच सूत्रीय मांगों के निस्तारण की मांग को लेकर शासन से गुहार लगा रहे हैं। इसके बावजूद मांगों का निस्तारण न होनें से फार्मासिस्ट अब आंदोलन में कूद पडे़ है। चमोली जिले में मंगलवार से अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने बांहों में काला फीता बांधकर आंदोलन की शुरूआत कर दी है। हालांकि काला फीता बांधकर फार्मासिस्ट सेवाएं देते रहे।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट संगठन के जिला महामंत्री लखपत सिंह नेगी ने बताया कि 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर पदोन्नति वेतनमान का लाभ देने, राज्य में फार्मेसी रेगुलेशन एक्ट-2016 लागू करने, चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित भुगतान का जल्द भुगतान करने की मांग लगातार की जा रही है। ओडिशा और असम की तर्ज पर फार्मासिस्टों को प्रिस्क्रिप्शन लिखने का अधिकार देने तथा उपकेंद्रों पर समाप्त किए गए 391 फार्मासिस्ट पदों को पुनर्जीवित करने की मांगों का निस्तारण आज तक नहीं हो पाया है। इसके चलते मंगलवार से जनपद में फार्मासिस्टों ने बांह पर काला फीता बांधकर अपनी सेवाएं देते हुए विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद शासन स्तर पर मांगों का समाधान करने को लेकर कहीं कोई पहल होती नहीं दिखाई दे रही है। इसके चलते ही फार्मासिस्टों को आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *