गोपेश्वर। आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने टीएचडीसी के टनल में फंसे मजदूरों तथा तमक नाले में बहे बीआरओ कर्मी की ढूंढ खोज के लिए रेस्क्यू आपरेशन में तेजी लाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
जिला सभागार में आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री कौशिक ने तमक नाला तथा टीएचडीसी टनल में फंसे मजदूरों को लेकर स्पष्ट किया कि टनल में फंसे श्रमिकों की सुरक्षित तलाश एवं रेस्क्यू को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मौजूदा उपलब्ध संसाधनों एवं आधुनिक उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करते हुए अभियान को तेजी से बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों तथा उनके परिजनों को जरूरी सहयोग एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कहा कि इस मामले में कतई हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। परिजनों को मुआवजा देने में पर भी उन्होंने तेजी लाने पर बल दिया।
आपदा के चलते क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को व्यवस्थित करने पर बल देते हुए उनका कहना था कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। क्षतिग्रस्त विद्युत पोल लाइनों को जल्द दुरस्त कर प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारू रहनी चाहिए। प्रभावित इलाकों में राशन एवं आवश्यक खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता पर बल देते हुए उनका कहना था कि इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित नहीं रहनी चाहिए।
काबिना मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुचारू रखने पर बल देते हुए एंबुलेंस की हर समय तैनाती पर जोर देते हुए घायलों तथा प्रभावित लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा देने को कहा। भू-धंसाव प्रभावित ज्योतिर्मठ तथा बहुगुणा नगर कर्णप्रयाग समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे ट्रीटमेंट कार्यों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने पर बल दिया। संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया। आपदा के कारण विस्थापित हुए परिवारों को मुआवजा तथा राहत सहायता तत्काल उपलब्ध करवाने के निर्देश देते हुए उनका कहना था कि इसमें हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए।
अवरूद्ध सड़क मार्गों को तत्काल सुचारू करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जहां भी यातायात बाधित है वहां आवाजाही बहाल की जानी चाहिए। आयुष विभाग को दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर चिकित्सकों की ड्यूटी प्रभावित क्षेत्रों में लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को टीम भावना से कार्य कर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने पर बल दिया है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बैठक में एसडीआरएफ नाम्र्स में अर्बन रोड़ को भी शामिल करने पर बल देते हुए एसडीआरएफ के गठन में इंजीनियरों की नियुक्ति का सुझाव दिया। इस पर मंत्री ने सकारात्मक प्रक्रिया देते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बत्र्वाल, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, दायित्वधारी हरक सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, एडीएम विवेक प्रकाश समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
आपदा प्रबंधन मंत्री बोले, टनल में फंसे मजदूरों को निकालने को रेस्क्यू में लाएगे तेजी
