ब्रह्मकपाल के नाम पर फर्जीवाड़े का तीर्थ पुरोहितों ने किया विरोध

ब्रह्मकपाल के नाम पर फर्जीवाड़े का तीर्थ पुरोहितों ने किया विरोध

गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल तीर्थ क्षेत्र में बुधवार को तीर्थ पुरोहितों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन ठगी और असामाजिक तत्वों की ओर से कराए जा रहे कर्मकांड का विरोध किया। पुरोहितों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बदरीनाथ धाम में आंदोलन किया जाएगा।
तीर्थ पुरोहितों का आरोप है कि ब्रह्मकपाल तीर्थ के नाम पर सोशल मीडिया और एआई तकनीक से तैयार वीडियो के माध्यम से लोगों से ऑनलाइन पूजा और पिंडदान कराने के नाम पर ठगी की जा रही है। इस मामले में पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक चमोली और थानाध्यक्ष बदरीनाथ को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति के अध्यक्ष उमेश सती, संजय हटवाल, मदन कोठियाल और सुरेश हटवाल ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व तप्तकुंड और गांधी घाट क्षेत्र में तीर्थ यात्रियों से अवैध रूप से कर्मकांड करवा रहे हैं। इससे परंपरागत व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
पुरोहितों ने पुलिस प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि विरोध स्वरूप 14 मई से सभी तीर्थ पुरोहित बांह में काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस दौरान प्रमोद हटवाल, गौरव हटवाल, हरीश सती, रमेश कोठियाल, शैलेंद्र हटवाल, प्रदीप नौटियाल, सुभाष कोठियाल, विक्की हटवाल और ईश्वर नौटियाल सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।

बोले तीर्थ पुरोहित
तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि शास्त्रों में पिंडदान और तर्पण को ऑनलाइन माध्यम से कराने का कोई विधान नहीं है। उनका कहना है कि देश में गया, काशी, हरिद्वार और अंत में ब्रह्मकपाल तीर्थ में पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण की परंपरा है। यदि कोई श्रद्धालु अन्य तीर्थों में पिंडदान नहीं कर पाता, तो वह ब्रह्मकपाल में विधिवत कर्मकांड कर अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए पूजा कर सकता है।

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