गोपेश्वर। भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चले बजट सत्र के निपटने के पश्चात अगले साल नई सरकार के साथ आने के भरोसे को लेकर माननीय और उच्चाधिकारी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण से अलविदा कर गए हैं।
बताते चलें कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में उत्तराखंड का बजट सत्र नौ से 13 मार्च तक प्रस्तावित था। इस बार तो 14 तड़के 12.30 बजे तक करीब 41 घंटे 10 मिनट तक सत्र चला। पिछले सत्रों के हिसाब से इस बार तो सत्र अपने तय दिन से आधा घंटे अधिक तक चला। इस सत्र में 1.11 लाख करोड़ का बजट तो पारित हुआ ही अपितु कई विधेयकों को भी मंजूरी मिली। गैरसैंण की फिजाओं में इस बार बजट सत्र को लेकर खूब रंगत देखने को मिली। माननीयों के साथ ही उच्चाधिकारियों के आमद के चलते भराड़ीसैंण राज्य की सियासत का केंद्र बिंदु बना रहा। आठ मार्च को ही माननीयों और उच्चाधिकारियों ने भराड़ीसैंण में दस्तक दे दी थी। इस बार तो 14 मार्च को भराड़ीसैंण से रवानगी होने तक खासी चहल-पहल भी देखने को मिली। हालांकि शुरूआती दौर में माननीय और उच्चाधिकारी भारी मन से यहां रहने को विवश हुए। इसके बावजूद आम लोगों के दबाव के चलते भराड़ीसैंण में निर्धारित अवधि के बाद भी माननीयों की मौजूदगी बनी रही।
14 मार्च को तड़के 12.30 बजे सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थागित करने की घोषणा स्पीकर ऋतु खंडूरी ने की तो माननीयों से लेकर सरकारी अमले को राहत मिलती देखी गई। माननीयों से लेकर सरकारी अमले के चेहरों पर भोर रात्रि को ही रौनक देखने को मिली। सुबह नास्ता पानी करने में भी किसी ने तनिक देर नहीं की और आनन फानन में सभी में अपने विस्तर बांध लिए। इसके बाद सभी अपने गंतव्य को चलता बने।
भराड़ीसैंण से गंतव्य को निकलने की जद्दोजहद के बीच उक्रांद का विधायकों को रोकने कोे लेकर धुकधुकी भी देखने को मिली किंतु सभी लोग सुरक्षित निकल पड़े। पुलिस इस दौरान खासतौर पर सतर्क रही। ऐसा इसलिए कि 2021 में नंदानगर के आंदोलनकारियों के विधानसभा कूच के लिए रोकने को बल प्रयोग करने तथा गैरसैंण कमिश्नरी की घोषणा से तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार की विदाई भी हुई थी। इस बार हालांकि शुरूआत के पहले ही दिन नौ मार्च को उक्रांद ने स्थाई राजधानी गैरसैंण बनाए जाने को लेकर विधानसभा भवन कूच को ताकत झोंकी थी। करीब पांच गेट तोड़ने के पश्चात उक्रांद कार्यकर्ता आगे तो बढ़े किंतु पुलिस के मानमनोब्बल के आगे उक्रांद कार्यकर्ता भी पसीज गए। इसी तरह सत्र के दूसरे कांग्रेस की विधानसभा घेराव को पुलिस चैकस तो रही किंतु किसी तरह की बर्बरता नहीं की। इस तरह पुलिस और सरकार के नरम रूख के चलते विधानसभा के घेराव के कार्यक्रम विवादों में नहीं आए। इसके बाद तो सत्र शांतिपूर्वक संचालित होता रहा।
विधानसभा सत्र के दौरान भी सरकार को खास फजीहत का सामना नहीं करना पड़ा। सत्र के सकुशल निपटने से पुष्कर सिंह धामी सरकार को बड़ी राहत मिली। सत्र के दौरान खास कर पुलिसकर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ी। गैरसैंण क्षेत्र में सड़कों और जंगलों में पुलिसकर्मियों को कठिन परिस्थितियों के बीच अपने दायित्वों को निवर्हन करना पड़ा। यह सिलसिला बीते कई वर्षों से चला आ रहा है। इस बार गनीमत यह रही कि मौसम अनुकूल रहा। इसके चलते पुलिसकर्मियों को मौसम की मार नहीं झेलनी पड़ी। पिछले मानसून सत्र में तो पुलिकर्मियों को खासी परेशानी से दो-चार होना पड़ा। पिछले साल अगस्त माह में संचालित हुए मानसून सत्र में जब उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा था तो पुलिसकर्मियों और अदने कर्मचारियों को मुश्किलों से दो-चार होना पड़ा। शनिवार को माननीय और सरकारी अमला जब गंतव्य को भराड़ीसैंण से निकल रहे थे तो उनके मुंह से बरबस यही शब्द निकल रहे थे कि -अलविदा भराड़ीसैंण, अगले साल नई सरकार के साथ बजट अथवा मानसून के लिए फिर आएंगे। माननीय और सरकारी अमला भी यहां से रूख करने के दौरान खासे प्रफूल्लित नजर आ रहे थे। इस सत्र को लेकर स्थानीय लोगों में कोई खास उंमग व उल्लास देखने को नहीं मिला।
बताते चलें कि गैरसैंण क्षेत्र के लोग अलग जनपद का सृजन होने का सपना संजोए हुए हैं। उनकी यह मांग हाशिए पर पड़ी हुई है। फिर भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार विपक्षी कांग्रेस के हंगामे के बीच गैरसैंण में बजट सत्र की आमद करवा कर अपने मिशन में सफल रही है। अब तो यही माना जा रहा है कि यदि हरिद्वार में होने के चलते कुंभ के चलते इस साल ही अक्टूबर अथवा नवम्बर में चुनाव होते है अथवा अगले साल जनवरी से फरवरी तक चुनाव होते हैं तो बजट अथवा मानसून सत्र अगले साल ही भराड़ीसैंण में हो पाएगा। तब कौन-कौन माननीय और कौन सी सरकार अस्तित्व में आती है। यह सब अगले साल ही देखने को मिलेगा।
गैरसैंण की फिजाओं ने ओढ़ी फिर सन्नाटे की चादर
गोपेश्वर, 14 मार्च (नवोदय टाइम्स)ः उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के चलते भराड़ीसैंण विधानसभा क्षेत्र की
