गोपेश्वर। चमोली जिले के पोखरी विकासखंड के सिदेली गांव के जंगल में भालू के हमले में घास लेने गई महिला की मौत हो गई। इस हादसे में दूसरी महिला को जख्मी हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार नैल ग्राम पंचायत के सिदेली गांव के बोगा जंगल में घास लेने गई दो महिलाओं पर भालू ने यकायक हमला कर दिया। इससे दोनों महिलाएं बुरी तरह जख्मी हो गई। इनमें एक महिला के अस्पताल पहुंचते ही डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। दूसरी जख्मी महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
सिदेली गांव निवासी चंद्रशेखर ने बताया कि उनकी पत्नी विमला देवी (55) तथा गांव के ही गजेंद्र नेगी की पत्नी लक्ष्मी देवी (42) जंगल में घास काट रही थी की यकायक भालू ने उन पर हमला बोल दिया। भालू के हमले से बचने के प्रयास में अफरा-तफरी में दोनों महिलाएं चट्टान से नीचे गिर कर गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों जख्मी महिलाओं को आनन-फानन में सीएचसी पोखरी पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद विमला देवी को मृत घोषित कर दिया। चिकित्साधिकारी डां. सनी चैधरी तथा डाॅ. मोहनी ने बताया कि विमला देवी की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। विमला देवी का शव का पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग से डाक्टरों की टीम सीएचसी पोखरी पहुंचकर पोस्टमार्टम में जुट गई है।
घायल महिला हायर सेंटर रेफर
इस हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला लक्ष्मी देवी को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम पसर गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष बना हुआ है। इसके चलते जंगल जाने वाली महिलाओं पर खतरा बढ़ गया है।
तहसीलदार राम किशोर ध्यानी ने बताया कि जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर जख्मी महिला को हायर सेंटर पहुंचाने के लिए हेली सेवा की व्यवस्था की गई थी किन्तु खराब मौसम के कारण उड़ान न भरने से हेलीकाप्टर नहीं पहंुच सका। इसके तत्काल बाद जख्मी महिला को एंबुलेंस से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही वनक्षेत्राधिकारी कपिल गुसांई समेत वनकर्मी अस्पताल पहंुचे। बताया कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों को घायल महिला के साथ हायर सेंटर भेजा गया है। कहा कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। भालुओं के आंतक से निजात दिलाने के लिए प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाएगी। इस घटना के बाद केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन तथा एसडीओ मोहन सिंह नेगी भी गोपेश्वर से पोखरी को रवाना हो गए हैं।
