नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ में पर्यटन एवं सांस्कृतिक मेले का रंगारंग आगाज

नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ में पर्यटन एवं सांस्कृतिक मेले का रंगारंग आगाज

गोपेश्वर। नंदानगर की ब्लाॅक प्रमुख हिमा नेगी ने कहा है कि इस साल 5 सितंबर से होने जा रही हिमालयी पर्व मां नंदा देवी की बड़ी जात को भव्य रूप से मनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी नंदा भक्तों की एकजुटता पर जोर दिया है।
नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ में तीन दिवसीय मां नंदा पर्यटन एवं सांस्कृतिक मेले का शुभारंभ करते हुए बतौर मुख्य अतिथि ब्लाॅक प्रमुख हिमा नेगी ने कहा कि इस बार मां नंदादेवी राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा का 5 सितंबर से जोरदार आगाज होने जा रहा है। यह यात्रा उच्च हिमालय में स्थित होमकुंड तक जाएगी। इसके लिए जोरदार तैयारियां की गई है। होमकुंड से मां नंदा की कैलाश विदाई के साथ ही धार्मिक रीति रिवाजों के तहत पूजा अर्चना कर चैंसिंग्या खाडू की विदाई होगी। उन्होंने सभी नंदा भक्तों से इस हिमालयी महापर्व में भागीदारी कर मां नंदा का आशीष लेने का आह्वान किया। कहा कि हिमालय की आराध्य देवी मां नंदा के इस पर्व में बड़ी संख्या में भक्तों के उमड़ने की संभावना के चलते तैयारियां पूरी कर दी गई है। कहा कि सभी नंदा भक्तों के सहयोग से यह यात्रा यादगार भी बनेगी। उनका कहना था कि इस यात्रा को लेकर लोगों में उमंग व उल्लास बना हुआ है। इसलिए यह यात्रा मील का पत्थर साबित तो होगी ही अपितु इतिहास भी एक नई इबारत लिखने जा रहा है। उन्होंने बड़ी जात से पूर्व मेले के आयोजन को एक अच्छी पहल बताते हुए कार्यक्रम में शामिल महिलाओं तथा स्कूली बच्चों के रगांरंग कार्यक्रम की सराहना की।
इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य कमला देवी, देवेश्वरी देवी, मोहन प्रसाद, हीरा देवी, प्रकाश लाल क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन के अध्यक्ष दशरथ सिंह बिष्ट, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल सिंह भाजपा उपाध्यक्ष सुमेर सिंह, कुरूड़ की प्रधान हेमा देवी आदि ने भी विचार व्यक्त करते हुए नंदा की बड़ी जात को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन उपस्थित थे प्रधान संघ के ब्लाॅक अध्यक्ष अवतार सिंह बिष्ट व बीडीसी मेंबर देवेश्वरी देवी नेगी ने संयुक्त रूप से किया।
इस दौरान महिला मंगल दलों तथा स्कूली बच्चों के रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति पर लोग अभिभूत हो उठे। कार्यक्रम में मां नंदा के जागरों की शानदार प्रस्तुति भी लोगों को खूब भा गई। नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ मंदिर बड़ी जात को लेकर सज धज कर तैयार हो गया है। इसके चलते कुरूड़ का इलाका नंदामय हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *