हिसंक कुत्तों से नारायणबगड़ के स्कूलों में पसरा सन्नाटा

हिसंक कुत्तों से नारायणबगड़ के स्कूलों में पसरा सन्नाटा

गोपेश्वर।
आवारा हिसंक कुत्तो के आतंक से नारायणबगड़ क्षेत्र के विद्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। इसके चलते लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस बीच एक कुत्ते को जाल में फंसा लेने से काफी राहत मिली है।
बृहस्पतिवार को सुबह की सैर पर निकले दो लोगों पर कुत्ते ने हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। इस तरह अब तक तीन दिनों में 11 लोगों को आवारा कुत्ते काट चुके हैं। इनमें 5 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने नारायणबगड़ तथा नलगांव के सभी विद्यालयों में 23 अगस्त तक अवकाश घोषित किया हुआ है। इसके चलते विद्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। बृहस्पतिवार सुबह लावारिस कुत्ते ने सबसे पहले लोदला गांव के नरेंद्र सिंह रावत तथा बाद में कोठा गांव के नीरज पुरोहित पर हमला कर उनके दोनों हाथों को जख्मी कर दिया। उस वक्त दोनों लोग सुबह घूमने के लिए निकले थे। अस्पताल में उनकी मरहम पट्टी की गई और एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए।
आवारा हिसंक कुत्तों के आंतक के चलते गांवों से लोगों का नारायणबगड़ बाजार में आना जाना काफी कम हो गया है। जो लोग बाजार आ भी रहे हैं वे अपनी सुरक्षा के लिए हाथों में डंडा लेकर चल रहे हैं। ऐसे में समूचे बाजार क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। लावारिस हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए एसडीआरएफ की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है।
एसडीएम यशवीर सिंह, तहसीलदार राजेंद्र सिंह बिष्ट ने भी नारायणबगड़ बाजार का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अब तक 20 से अधिक लावारिस कुत्तों को पकड़ कर उन्हें वैक्सीन लगाई जा चुकी है और एसडीआरएफ ,पशुपालन विभाग की मदद से वैक्सीन लगाने का अभियान जारी है।

सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कसी कमर

नारायणबगड़ में विगत दो दिनों से आवारा एवं संदिग्ध रूप से आक्रामक कुत्तों द्वारा लोगों को काटे जाने की सूचना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। आमजन एवं पशुधन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशानुसार पशुपालन, राजस्व, वन, पुलिस, जिला पंचायत एवं डीडीआरएफ की संयुक्त टीमें क्षेत्र में सघन रेस्क्यू, वैक्सीनेशन एवं निगरानी अभियान चला रही हैं।

अभियान के तहत नारायणबगड़ बाजार एवं आसपास के क्षेत्रों में घूम रहे संदिग्ध एवं आक्रामक कुत्तों को रेस्क्यू करने की कार्रवाई की जा रही है। विशेषज्ञ डॉग कैचर टीम भी मौके पर मौजूद है। क्षेत्र में अब तक 20 से अधिक आवारा कुत्तों को एआरवी वैक्सीन लगाया जा चुका है।
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि नारायणबगड़ एवं आसपास के क्षेत्रों में पशुपालन विभाग की ओर से दो वैक्सीनेशन एवं राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। बाजार क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में अन्य कुत्तों के संक्रमित अथवा आक्रामक होने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। तहसील प्रशासन, डीडीआरएफ एवं पुलिस की टीमें क्षेत्र में तैनात कर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यक सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि संदिग्ध अथवा आक्रामक व्यवहार करने वाले कुत्तों के पास न जाएं और बच्चों को भी ऐसे कुत्तों से दूर रखें। किसी भी संदिग्ध कुत्ते अथवा काटने की घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस या संबंधित विभाग को दें।

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