गोपेश्वर। टीएचडीसी की 444 मेगावाट की विष्णुगाढ-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में पानी के सैलाब और मलबे की जद में आने से सात मजदूर जिंदा दफन हो गए। इस दुर्घटना में अभी तीन मजदूरों को निकालने की जद्दोजहद चल रही है। इस घटना से परियोजना क्षेत्र में मातम पसरा है।
दरअसल गुरूवार देर सांय परियोजना की बिरही के समीप टनल में यकायक पानी का सैलाब आने के साथ ही मलबा भी आ गिरा। इस कारण परियोजना में काम कर रहे कई मजदूर जान बचा कर बाहर निकल गए किंतु ज्यादातर मजदूर टनल के भीतर ही फंसे पडे रहे। इस दुर्घटना में सात मजदूर जिंदा तफन हो गए जबकि तीन मजदूर अभी तक लापता चल रहे है। माना जा रहा है कि तीनों मजदूर मलबे में ही दबे पड़े है। इस दुर्घटना का समाचार मिलते ही राहत व बचाव कार्यक्रम चलने अधिकांश घायलों को रेश्क्यू कर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कर दिया गया। बताया जा रहा है कि 10 घायलों का गोपेश्वर अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें रोहित पांडे नामक मजदूर को श्रीनगर रेफर कर दिया गया है। जबकि गोविंद को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायलों में छत्तीसगढ के सुनील दीवान, झारखंड के हाबिल गुडिया, निस्तर मिंगरा, विनोद रावना, दिना बेगरा, खेलाराम विसरा, पंजाब के छछन सिंह, हिमाचल प्रदेश के तिलक राज, बिहार के चंदन कुमार अवधेश, नंदलाल, रोहित पांडेय, छत्तीसगढ के पैन सिंह शामिल है जबकि गोविंद नामक मजदूर को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।
टनल दुर्घटना में सात मजदूर जिंदा दफन हुए है। मृतकों में टिहरी जनपद के चंबा के गेंवाल गांव निवासी प्रदीप पंवार, चमोली के उर्गम घाटी के मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय, जीतेंद्र कुमार, लोकेश्वर तथा भुवनेश्वर शामिल हैं।
घटना स्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी तथा आपदा प्रबंधन की टीमें लापता तीन मजदूरों की ढूंढ खोज में जुटी हुई है। टनल में अत्यधिक पानी और मलवा गिरने के कारण रेस्क्यू आपरेशन में दिक्कते आ रही हैं। इसके बावजूद रेस्क्यू टीमें मुश्किलों के बीच तीनों लापता चल रहे लुकास पतनो, केतन कोयाम तथा देवनाथ नामक मजदूरों को ढूंढ निकालने की जद्दोजहद में जुटी हुई हैं।
इस हादसे की जद में आए सभी मजदूर एचसीसी कंपनी में काम कर रहे हैं। इस घटना से परियोजना क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार तथा पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार लगातार मौके पर मौजूद रह कर रेस्क्यू आपरेशन में जुटी टीमों की हौसला अफजाई करने के साथ ही उचित दिशा निर्देश भी दे रहे हैं।
टीएचडीसी टनल में हादसे में सात मजदूर जिंदा दफन, तीन अभी तक लापता
