गैरसैण में नहीं देहरादून में ही होगा इस बार विधानसभा का मानसून सत्र

गैरसैण में नहीं देहरादून में ही होगा इस बार विधानसभा का मानसून सत्र

गोपेश्वर। उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र इस बार गैरसैण में नहीं अपितु देहरादून में ही होगा।
दरअसल वर्ष 2014 में गैरसैण स्थित भराडीसैण विधानसभा का बजट सत्र आयोजित नहीं हो पाया था। इसके चलते सरकार ने तत्कालीन दौर में विधानसभा का मानसून सत्र 19 अगस्त से भराडीसैण में आयोजित किया था। इसी तरह 2025 में भी भराड़ीसैण में बजट सत्र संचालित न होने से सरकार ने उसी साल अगस्त माह में मानसून सत्र भराडीसैण में संचालित किया था।
बताते चलें कि 2016 में तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने विधानसभा का एक सत्र गैरसैण अथवा भराडीसैण में आयोजित करने का प्रावधान किया था। इसके चलते फरवरी अथवा मार्च माह में मौसम की अनुकूलता के चलते हर साल भराडीसैण में बजट सत्र संचालित होते रहे हैं। 2024 तथा 2025 में भराडीसैण में बजट सत्र आयोजित न होने के चलते सरकार को मानसून सत्र मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बीच भराडीसैण में ही आयोजित करने को विवश होना पड़ा। मौजूदा 2026 के फरवरी माह में भराडीसैण में बजट सत्र संचालित हुआ। मौजूदा दौर में विधानसभा के चुनाव की तैयारियों के चलते माना जा रहा था कि सरकार इस बार पर्वतीय जनमानस की वाहवाही लूटने के लिए मानसून सत्र के बहाने गैरसैण कार्ड खेल सकती है। इसलिए गैरसैण में मानसून सत्र की संभावना को बल मिल रहा था।
हालांकि चमोली जिला प्रशासन ने गैरसैण के सत्र को लेकर तमाम तरह की परेशानियों को दूर करने के लिए बैठक कर इस तरह की कमियों को दूर करने पर जोर दिया था। इसके चलते माना जा रहा था कि चमोली जिला प्रशासन मानसून सत्र की तैयारियों में जुट गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने आज स्पष्ट किया कि एक रूटीन प्रक्रिया के तहत भराडीसैण में व्यवस्थाओं में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए ही बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए थे। इसका यह आशय नहीं था कि गैरसैण में मानसून के लिए तैयारियां प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि साल में एक सत्र आयोजित करने की विवशता तो रहती है किंतु जब बजट सत्र इसी साल गैरसैण में आयोजित हो गया तो फिर मानसून सत्र देहरादून में ही आयोजित होगा। इस तरह की संभावना को डीएम ने विराम लगाते हुए कहा कि तमाम तरह की कमियों को दूर करने की दिशा में संबंधित अधिकारी जुटे हुए हैं।

गैरसैण में 2014 से शुरू हुई थी सत्रों की शुरूआत
वर्ष 2014 में गैरसैण में तंबुओं से विधानसभा सत्र की शुरूआत हुई थी। यह सिलसिला अब तक जारी है। हालांकि हरीश रावत सरकार ने जाते-जाते गैरसैण में एक सत्र आयोजित करने का फैसला लिया था। इसके चलते गैरसैण में विधान सभा का कोई न कोई सत्र आयोजित होता चला आ रहा है। इसके इतर मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धाम ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को राज्य की कमान संभाली तो विधानसभा सत्रों के अलावा वे स्वाधीनता दिवस, राज्य स्थापना दिवस तथा गणतंत्र दिवस पर भराडीसैण स्थित विधानसभा परिसर में अपनी आमद देते आ रहे है। वह 23 मार्च 2022 तक सीएम के रूप में पहली पारी खेल चुके हैं और इसके बाद वह दूसरी पारी अब तक खेल रहे है।
2021 में राज्य के मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही उन्होंने 15 अगस्त 2021 को भराडीसैण विधानसभा परिसर में आयोजित स्वाधीनता दिवस में प्रतिभाग कर गैरसैण के प्रति अपनी सरकार का प्रेम जाहिर किया। इसके बाद 9 नवम्बर 21 को राज्य स्थापना दिवस पर धामी भराड़ीसैण पहुंचें। वर्ष 2022 के 23 मार्च को सीएम के रूप में अपनी दूसरी पारी की शुरूआत की तो विधानसभा का बजट सत्र देहरादून में आयोजित हुआ। इसके बाद 9 नवंबर 2022 को राज्य स्थापना दिवस भराड़ीसैण में मनाने के लिए पहुंचे। 2022 में शीतकालीन सत्र दिसम्बर में आयोजित करने का फैसला तो हुआ किंतु भारी ठंड और जरूरी सुविधाओं के अभाव में यह सत्र टाल दिया गया। 2023 में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होने सीएम धामी भराड़ीसैण आए फिर गैरसैण में 13 से 18 मार्च तक बजट सत्र का आयोजन हुआ और पूरी सरकार भराडीसैण में जम गई। यह सिलसिला आगे बढ़ाते हुए 15 अगस्त तथा 9 नवम्बर को स्थापना दिवस भराड़ीसैण में मनाने सीएम पहुंचे। 2024 में लोकसभा चुनाव के चलते बजट सत्र को देहरादून में ही आयोजित किया गया। फिर इसी साल 19 से 22 अगस्त तक गैरसैण में पहली बार मानसून सत्र का आयोजन हुआ तो धामी सरकार समेत सभी माननीय भराडीसैण की फिजाओं में डेरा डाल बैठे। राज्य स्थापना दिवस को मनाने सीएम 9 नवम्बर को गैरसैण आए। इस साल 2025 में विधान सभा का बजट सत्र फरवरी माह में देहरादून में आयोजित किया गया। इसके चलते अब मानसून सत्र 19 से 22 अगस्त तक गैरसैण में प्रस्तावित किया गया है। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री डा. धनसिंह रावत ने भराड़ीसैण में झंडा फहराया। यह स्थिति दर्शा रही है कि 2021 में मुख्यमंत्री बनने के बाद धामी सरकार गैरसैण की डगर पर निकल पड़ी थी। यह सिलसिला अब तक जारी है। हालांकि लोग लगातार गैरसैण स्थाई राजधानी की मांग कर रहे हैं। इसके तहत तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने 4 मार्च 2020 को गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की थी। इसका अध्यादेश भी तत्काल जारी कर दिया गया।

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