भाजपा संगठन में थराली विधानसभा की अनदेखी

भाजपा संगठन में थराली विधानसभा की अनदेखी

गोपेश्वर। भाजपा ने प्रदेश कार्य समिति में चमोली जिले के सात लोगों को जगह दी है। इनमें अकेले चार बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र से हैं। जबकि कर्णप्रयाग से दो तथा थराली से एक सदस्य ही नामित किया गया है।
भाजपा ने बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, पूर्व प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट तथा जोशीमठ के सुभाष डिमरी को प्रदेश कार्य समिति का सदस्य मनोनित किया है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यख रमेश मैखुरी तथा जिला पंचायत के पूर्व सदस्य विनोद नेगी को भी कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। दोनों कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हैं। थराली विधानसभा क्षेत्र से एक मात्र थराली के पूर्व प्रमुख राकेश जोशी को कार्य समिति में जगह दी गई है। इस तरह कार्य समिति में बदरीनाथ विधानसभा का दबदबा है जबकि थराली विधानसभा की अनदेखी की गई है।
वैसे भी भाजपा सरकार द्वारा दायित्व वितरण में थराली विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी की जाती रही। बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र को ही दायित्व वितरण में तरजीह दी गई। थराली विधानसभा क्षेत्र के देवाल के रमेश गडिया को पहले चरण में ही जलागम परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद देवाल के ही बलवीर घुनियाल को जड़ी बूटी सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष पद से नवाजा गया। बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र में तमाम लोगों को दायित्वधारी बनाया गया। इनकी लंबी फेहरिस्त भी है। कर्णप्रयाग को भी बदरीनाथ के मुकाबले कोई खास तरजीह नहीं दी गई। इस बार प्रदेश कार्य समिति में चमोली के सात नेताओं को जगह तो दी गई किंतु थराली विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी हुई है। हालांकि थराली विधानसभा क्षेत्र में देवाल, थराली, नारायणबगड़, नंदानगर ब्लाॅक होने के साथ ही दशोली के कुछ हिस्से और नंदप्रयाग नगर शामिल हैं। इस तरह कहा जा सकता है कि ब्लाॅकों के हिसाब से थराली विधानसभा क्षेत्र में अधिकाधिक लोगों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था। इसके बावजूद थराली विधानसभा क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है। कई भाजपाईयों ने अपना नाम न छापने की शर्त बताया कि बदरीनाथ को ही विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तरजीह मिल रही है। इसके चलते अन्य विधानसभा क्षेत्रों के भाजपाई मायूस हो चले है। अब देखना यह है कि सिर पर आते चुनाव को लेकर भाजपा किस तरह के कदमों के साथ आगे बढ़ती है। इस पर ही थराली के भाजपाईयों का भविष्य निर्भर करेगा। फिलहाल तो अपनी उपेक्षा से थराली के भाजपाई क्षुब्ध चल रहे हैं।

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